World No Tobacco Day | तंबाकू की लत लील रही जिंदगी, घर-घर कैंसर बांट रहे हैं ऐसे लोग
जम्मू-कश्मीर के युवाओं में तंबाकू और धूम्रपान का बढ़ता शौक उनकी जिंदगी छीनने का काम कर रहा है। इस शौक के कारण युवा तेजी से मुंह
जम्मू-कश्मीर में एक लाख की आबादी पर औसतन 150 कैंसर के मामले आ रहे हैं। पुरुषों में मुंह, गले के बाद फेफड़े, फूड पाइप और मैदे का कैंसर सामान्य है। गले और मुंह के कैंसर बढ़ने का एक कारण बाजार में आसानी से तंबाकू पदार्थों का उपलब्ध होना है।
हालांकि इन बिक्री स्थलों पर आयु सीमा को लेकर चेतावनी भी जारी की गई होती है। लेकिन छोटी उम्र के बच्चे भी धड़ल्ले से तंबाकू पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में कैंसर के मामले अस्पतालों में रिपोर्ट ही नहीं हो रहे हैं और ये आखिरी स्टेज में पहुंचते हैं। कैंसर के मामलों में जम्मू जिला सबसे आगे है। इसके बाद पुंछ, राजोरी, किश्तवाड़, डोडा, कठुआ, सांबा आदि जिलों से भी पीड़ित पहुंच रहे हैं।
जीएमसी के ऑन्कोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि तंबाकू पदार्थों पर प्रतिबंध से कैंसर पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। जम्मू संभाग में 2018 में 2400 और 2019 में 2200 कैंसर के नए मामले सामने आए।
पुरुषों से महिला सदस्यों को मिल रहा कैंसर
घरों और अन्य स्थलों पर पुरुष धूम्रपान करके महिला व परिवार के अन्य सदस्यों को भी कैंसर दे रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिन घरों में पुरुष सदस्य अधिक समय से धूम्रपान कर रहे हैं वहां महिलाओं में भी कैंसर की आशंका बढ़ी है।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर भी धूम्रपान पर कोई सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। अस्पताल परिसर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी व निजी कार्यालयों में धूम्रपान धड़ल्ले से हो रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू प्रोडेक्ट एक्ट का उल्लंघन करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

